Hindi Jokes

साइकल चलाने के तीन चरण

आजकल 12 साल के बच्चे भी बाइक लेकर घूम रहे हैं…
.
.
.
हमने तो साइकल भी
तीन चरणों में सीखी थी।

1. कैंची 2. डंडा 3. गद्दी

विक्रम, जोधपुर

शादी के बाद लड़के की तोंद

अगर शादी के साल भर बाद भी बाद लड़के की तोंद ना निकले…
.
.
.
तो समझ लीजिए कि लड़का
अपनी शादी से खुश नहीं है।

तरुण, शाहदरा

पिता ने देखा बेटे का रिपोर्ट कार्ड

अपने बेटे के रिपोर्ट कार्ड पर पिता ने अंगूठा लगाया…
बेटा: पापा आप तो इंजिनियर हो, फिर ये अंगूठा क्यों लगाया?
पिता: तेरे मार्क्स देखकर टीचर को नहीं लगना चाहिए कि तेरे बाप पढ़ा लिखा है…

पंकज, लखनऊ

पत्नी को हैंडसम लगा पति

पत्नी: शराब पीने के बाद आप बहुत हैंडसम लगते हैं।

पति: … लेकिन
आज तो मैंने नहीं पी है।

पत्नी: आज मैंने पी है।

अनुराग, जयपुर

शादी से पहले और बाद में

शादी से पहले तो इश्क रहता है और शादी के बाद…
.
.
.
‘इ’ निकल जाता है और
सिर्फ शक बाकी रह जाता है।

– गरिमा, दिल्ली

आजकल के जागरूक युवा

आजकल के युवा बहुत जागरूक हो गए हैं…
.
.
.
पूरी रात जागते ही रहते हैं।

वीरेंद्र, गाजियाबाद

पेन और बैंक का मजेदार संबंध

पहले मैं पेन लेकर बैंक जाता था और
बिना पेन के वापस आता था…
.
.
.

अब मैं बिना पेन के बैंक जाता हूं और वापस पेन लेकर आता हूं।

पप्पू, दिल्ली

भाई को देख स्कूटी से उतारा

वह क्या मेरा जिंदगी भर साथ देगी…
.
.
.
जिसने अपने भाई को देखकर
मुझे स्कूटी से उतार दिया।

सोनू, जयपुर

पत्नी को फेंकना चाहता है पाकिस्तान

पत्नी तैयार होकर अपने पति से पूछती है: कैसी लग रही हूं?
पति : कसम से दिल तो कर रहा है कि तुम्हें पाकिस्तान फेंक आऊं
गुस्से में पत्नी : क्या मतलब?
पति : बम लग रही हो बम

गौरव, सीतापुर

होटल में मैथ्स के टीचर

एक होटल में मास्टरजी खाली कटोरी में रोटी डुबोकर खा रहे थे। मास्टरजी से सवाल पूछने पर ऐसा क्या हुई कि वेटर बेहोश हो गया।

वेटर: आप खाली कटोरी में कैसे खा रहे हैं?

मास्टरजी: भइया, मैं मैथ्स का टीचर हूं इसलिए दाल को ‘मान लिया’ है।

जवाब सुनकर वेटर बेहोश

वैभव, प्रतापगढ़

प्यार में पप्पू को पड़ी मार

अरे मुझसे प्यार ना था तो बता ही देती पगली….
.
.
.
पंचायत भवन के पीछे बुलाकर
पिटवाने का क्या मतलब था?

पप्पू, रायपुर

2 मिनट बाद दूध की नसीहत

दूध को गैस पर 2 मिनट छोड़ने के बाद दूध भी नसीहत देने लगता है…
.
.
.
ओ मुझे छोड़कर जो तुम जाओगे,
बड़ा पछताओगे!

जया, कानपुर