पप्पू ने बताया दिल-हार्ट में अंतर

टीचर: दिल और हार्ट में
क्या अंतर है?
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पप्पू: जो जवानी में धड़के वह दिल और
जो बुढ़ापे में धड़के वह हार्ट है।

तरुण, शाहदरा

टूटकर और कूटकर चाहना

किसी को टूटकर चाहने से अच्छा है,
उसे कूटकर चाहो…
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बेहतर परिणाम आने की उम्मीद ज्यादा होती है।

नवीन, कानपुर

Duniya Se Dosti Shayari

भूल शायद बहुत बड़ी कर ली,
दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली।

~ बशीर बद्र

Tamaam Umar Shayari

Ae Shamaa Tujh Pe Raat Ye Bhaari Hai Jis Trah,
Maine Tamaam Umar Guzaari Hai Is Trah …

ऐ शमा तुझ पे रात ये भारी है जिस तरह,
मैं ने तमाम उम्र गुज़ारी है इस तरह …

Tiranga Shayari on Independence Day

वो अब पानी को तरसेंगे जो गंगा छोड़ आये हैं,
हरे झंडे के चक्कर में तिरंगा छोड़ आये हैं।

– राहत इंदौरी

Chahat Ka Ehsaas

Bachpan Mein Chaha Tha Use,
Woh Pehli Chahat Ka Ehsaas Lagta Hai,

Maasoom Hai Bilkul Khuda Ki Tarhaa,
Woh Mujhe Khuda Ka Farmaan Lagta Hai…

Tumhari Mohabbat Shayari in Hindi

कहाँ आँसुओं की ये सौग़ात होगी,
नए लोग होंगे नई बात होगी।

मैं हर हाल में मुस्कुराता रहूँगा,
तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी।

– बशीर बद्र

बेवजह नफरत करने वाले लोग

अगर कोई बेवजह आपके नफरत करता है तो…
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एक जोरदार थप्पड़ मारकर
उसे वजह दे दो।

रतन, दिल्ली

Husband Wife Fight Joke

पत्नी पति से – पूजा किया कीजिए बड़ी बलाएं टल जाती हैं,
पति – तेरे बाप ने भी बहुत की होंगी तभी तो उसकी इतनी बड़ी बला टल गई और मेरे पल्ले पड़ गई …

Chiraag Ki Lo

Har Ik Chiraag Ki Lo Aisi Soyi-Soyi Thi
Voh Shaam Jaise Kisi Se Bichhad Ke Royi Thi

Naha Gaya Tha Main Kal Jugnuo Ki Baarish Mein
Voh Mere Kaandhe Pe Sar Rakh ke Khoob Royi Thi

Kadam-Kadam Pe Lahoo Ke Nishan Kaise Hain
Ye Sarjami To Mere Aansuon Ne Dhoyi Thi

Makaan Ke Saath Voh Podha Bhi Jal Gaya Jisme
Mehkate Phool The Phoolon Me Ek Titli Thi

Khood Uske Baap Ne Pehchaan Kar Na Pehchana
Voh Ladki Pichhle Fasadaat Me Jo Khoyi Thi…

– Bashir Badr

Soacha Tha

सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।

Best Dosti Sad Shayari

मोहब्बत में दिखावे की दोस्ती न मिला,
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला।

– बशीर बद्र