हो गया भयंकर अपमान

रिंकी: मेरे पास गाड़ी है, बंगला है, बैंक बैलेंस है, तेरे पास क्या है?

पिंकी (शांत स्वर में): मेरे पास 20 साल पहले शादी में सिलवाया हुआ सूट है जो अभी तक मुझे फिट आता है।

सुनीता, भोपाल

व्रत क्यों रखती हैं लड़कियां

पप्पू: मां, ये लड़कियां इतने व्रत क्यों रखती हैं?

मां: बेटा, इतनी आसानी से किसी को तू थोड़े ही मिल जाएगा।

पप्पू (मन में): कसम से, आज पहली बार देवता वाली फीलिंग आ रही है।

देवेश, लखनऊ

Sharab Jaisi Beautiful Shayari

तुम हसीन हो, गुलाब जैसी हो,
बहुत नाज़ुक हो ख्वाब जैसी हो,

होठों से लगाकर पी जायूँ तुम्हें,
सर से लेकर पाँव तक शराब जैसी हो।

प्याज के छिलके

रामू- थोड़े प्याज के छिलके चाहिए,

होटल मैनेजर- छिलकों का क्या करोगे?

रामू- लड़की वाले देखने आ रहे हैं, बाहर डस्टबिन में डालूंगा,

होटल मैनेजर- बेहोश।

विनोद, बरेली

अक्लमंदी में भारतीयों का जवाब

अक्लमंदी में हम भारतीयों का कोई जवाब नहीं है…
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हम तो हाथ में खुजली होने पर बता देते हैं
कि पैसे आएंगे या जाएंगे!
वीरेंद्र, दिल्ली

Humne Kisi Ka Dil

जहाँ खामोश फिजा थी, साया भी न था,
हमसा कोई किसी जुर्म में आया भी न था,
न जाने क्यों छिनी गई हमसे हंसी,
हमने तो किसी का दिल दुखाया भी न था।

Uska Chehra Shayari

Mujhey Chehra Uska Yaad Rehta Hai
Mera Dil Khushi Se Abaad Rehta Hai

Usey Mera Khyaal Nahi Aata Kabhi
Jis Ki Yaad Mein Asghr Nashaad Rehta Hai

Ek Bar To Mil Jao Khuda Ke Liye
Dil-E-Beqrar Karta Yehi Fariyaad Rehta Hai

Har Ghadi Hichkiyan Jo Aati Rehti Hain
Lagta Hai Ke Asghar Kisi Ko Yaad Rehta Hai…

– M.Asghar Mirpuri

Very Sad Hindi Shayari on Love

Dil Letter

बिछड गया …
बिछड गया कोई हमसे अपना

करीबी वक्त की मार में
कोई हो गया अंजान हमसे
किसमत की इस चाल में

टूट कर बिखर गये अरमान मेरे
इस कदर
फिर टूट गया मेरे इस दिल का भी सबर

बिछड गया कोई हमसे अपना
पहली दफह किसी को इतना चाह था मैनें
उसे फिर अपना खुदा माना था मैंने

वो मेरे ख्यालों में जीया करता था
मेरे हर साँस की एक वजह वो भी हुआ करता था

बिछड गया कोई हमसे अपना

उसे इज्हार कर हमने अपनी मुहब्बत का इहसास कराया था
खामौशी में उसने भी फिर प्यार जताया था

मैं उम्मीदों को जिंदा रख जीने लगा था
उसके हर दुख को अपना समझ पीने लगा था

बिछड गया कोई हमसे अपना

वो दुखी सा होकर हम्हें इंकार करता था
वजह अंजान थी क्योकि हर बार करता था

मैं उसे सच्ची मुहब्बत करने लगा
उसके हाँ के इतजार में जीने लगा

बिछड गया कोई हमसे अपना

सब कुछ अच्छा चल रहा था
उसे भी है अब प्यार एसा लग रहा था

फिर अचानक इक भवंडर आया
मेरी जीवन में तूफान ले आया

बिछड गया कोई हमसे अपना

उसके अतीत का इक पन्ना आज उसका आज बनकर आया
मेरे दिल में हलचल मची फिर उसने मुझे बहुत रूलाया

टूट गया मैं अपनी क़मुहब्बत को संजोता – संजोता इस कदर…
देख ना सका अपना बुरा भी हर डगर

बिछड गया कोई हमसे अपना

फिर उसकी खुशी के लिए फिका सा मैं भी हंस दिया
हर अरमान मैंने अपना जिंदा दफन फिर मैनें कर लिया

आज वो दूर है मुझसे ए सच है
मुझे प्यार आज भी है उस्से ए भी सच है

उस उपर वाले की मर्जी नें मुझे अलग कर दिया
वो अलग हुआ पर मुझे पत्थर दिल कर दिया

बिछड गया कोई हमसे अपना …

– Saurabh Saini

आजकल भगवान की मेहरबानी

इन दिनों भगवान बर्फ और पानी दोनों गिरा रहे हैं…
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बाकी का
इंतजाम आपको खुद करना है।
नित्यानंद, नोएडा

सुंदर पिचई और गूगल का काम

सुंदर पिचई और मुझमें सिर्फ इतना ही फर्क है…
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वह गूगल के लिए काम करता है
और गूगल मेरे लिए।
सोनू, बरेली

Jindgi Ki Khushi New Year Shayari

Udaas Lamhon Ki Na Koi Yaad Rakhna,
Tufan Mein Bhi  Wajood Apna Sambhale Rakhna,
Kisi Ki Jindagi Ki Khushi Ho Tum,
Yahi Soach Kar Apna Tum Khyaal Rakhna …

Happy New Year

भारत और विदेश में फनी अंतर

अगर किसी चालाक महिला के बारे में बताना हो तो…

– विदेश में: She is very talented.

– भारत में: फलाने की बहू ऐसी है
कि सबको बेच खाए।

विक्रम, कानपुर