सर्दी में गिर गया टीवी का रिमोट

टीवी का रिमोट नीचे गिर गया। ठंड में रजाई से निकलकर रिमोट उठाने की बजाय…
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मैं आधे घंटे तक नाप तौल पर
मोबाइल का विज्ञापन देखता रहा।

विशाल, पंजाब

ऑनलाइन और ऑफलाइन

ऑफलाइन रहता हूं तो सिर्फ दाल-रोटी और परिवार की चिंता रहती है…
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ऑनलाइन होते ही
धर्म,
समाज और देश की चिंता होने लगती है।

विक्रम, जमशेदपुर

Beqrar Hai Dil Shayari

Dil

Tujhey Dekhne Ko Beqrar Hai Dil
Teri Ik Nigaah Ka Talabgaar Hai Dil

Isey Har Pal Tera Intezar Rehta Hai
Tumein Ek Bar Dekhne Ka Talabgaar Hai Dil

Kisi Se Pyar Ki Bheek Nahi Maangta
Iss Maamley Mein Bada Khuddar Hai Dil

Meri Toh Koi Baat Nahi Taalta Kabhi
Mere Liye Bada Barkhurdaar Hai Dil

Aisa Na Ho Koi Isey Mujh Se Chura Le
Ab Raat Din Rehta Khabardaar Hai Dil..

– M.Asghar Mirpuri

Heart Was Ecstatic

There was this chill in wind, you were also in mind
Heart was ecstatic, tinged with despondency of a kind

This chat half way through night, this moon full and bright
Along with the mid summer moon, your beauty was defined

Beloved was watching me, with a stealthy look
Time at last once stood still, leaving all behind

Now with a bit of hindsight, we know it wasn’t easy
When we didn’t find beloved, we were in a bit of a bind

I was in search on my beloved, though it was a vain search
My efforts not to besmirch, my longing was undefined

Evening breeze, not at ease, is inquiring beloved’s abode
O wafting wind of beloved’s mode, for goodness sake find…

– Parveen Shakir

Dil Ke Andar Veerana Shayari

Hum Kuch Aise Deewane Hain,
Jo Khud Se Begaane Hain,

Dastan-E-Laila Majnu Na Suna,
Yeh Qisse To Bade Purane Hain,

Logon Ke Labon Pe Ab,
Humaare Naam Ke Afsane Hain,

Duniya Ki Ronqein Raas Hain,
Dil Ke Andar Veerane Hain,

Mere Qatl Mein Jo Malawas They,
Wo Hath Asghr Ke Jane Pechane Hain…

– M.Asghar Mirpuri

Numaish – Dr. Kumar Vishwas Poem

Dr. Kumar Vishwas Numaish Poem Lyrics in Hindi

कल नुमाइश में फिर गीत मेरे बिके
और मैं क़ीमतें ले के घर आ गया
कल सलीबों पे फिर प्रीत मेरी चढ़ी
मेरी आँखों पे स्वर्णिम धुआँ छा गया

कल तुम्हारी सु-सुधि में भरी गन्ध फिर
कल तुम्हारे लिए कुछ रचे छन्द फिर
मेरी रोती सिसकती सी आवाज़ में
लोग पाते रहे मौन आनंद फिर
कल तुम्हारे लिए आँख फिर नम हुई
कल अनजाने ही महफ़िल में, मैं छा गया

कल सजा रात आँसू का बाज़ार फिर
कल ग़ज़ल-गीत बनकर ढला प्यार फिर
कल सितारों-सी ऊँचाई पाकर भी मैं
ढूँढता ही रहा एक आधार फिर
कल मैं दुनिया को पाकर भी रोता रहा
आज खो कर स्वयं को तुम्हें पा गया

– डॉ. कुमार विश्वास

Khata Pyar Mein

Pehli Baar Pyar Kiya Hai Unhein,
Shayad Galati Ho Gayi Pyar Karne Mein,

Khuda Se Badhkar Chahaa Hai Unhein,
Shayad Yehi Khata Ho Gayi Pyar Karne Mein…

पप्पू अपनी मां के साथ गया रेस्ट्रॉन्ट

पप्पू अपनी मां के साथ रेस्ट्रॉन्ट खाना खाने गया।
वहां एक आदमी सिगरेट पी रहा था।

पप्पू: आप सिगरेट बाहर जाकर पी लीजिए।
मेरी ममी मेरे साथ है।

शख्स: …तो क्या हुआ?

पप्पू: …तो मेरा भी मन पीने का हो रहा है।

नवीन, जोधपुर

अभी सांस लेने की फुर्सत नहीं

अभी सांस लेने की फुर्सत नहीं है कि तुम मेरी बाहों में हो…
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इस कविता में कवि कह रहा है कि
माशूका वजन में बहुत भारी है।

स्वप्नल, नोएडा

शादीशुदा जिंदगी का अलग मजा

शादीशुदा जिंदगी का मजा ही अलग होता है…
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खाने को कुछ मिले ना मिले,
सुनने को भरपूर मिल जाता है।

अरुण, करौली

Source: Common phrases

Mulaqat Shayari in Urdu

Mulaqat Shayari in Urdu

Kabhi Teri Meri Mulaqat Ho,
Na Tootne Wala Sath Ho,

Tere Sath Zindagi Guzre,
Musarton Bhari Hyat Ho…

– M.Asghar Mirpuri

Best Independence Day Hindi Message

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि के मान का है,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है!

Happy Independence Day 15 August.